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ईएलआई योजना: भारत की रोजगार नीति में ऐतिहासिक पहल, बनेगी आत्मनिर्भर भारत की आधारशिला

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भारत सरकार की ईएलआई योजना से औपचारिक रोजगार को मिलेगी मजबूती, युवाओं को मिलेगा स्थाई भविष्य।
भारत सरकार की ईएलआई योजना से औपचारिक रोजगार को मिलेगी मजबूती, युवाओं को मिलेगा स्थाई भविष्य।
भारत सरकार की ईएलआई योजना से औपचारिक रोजगार को मिलेगी मजबूती, युवाओं को मिलेगा स्थाई भविष्य।

नई दिल्ली। भारत सरकार ने रोजगार प्रोत्साहन योजना (ईएलआई) को मंजूरी देकर देश में संगठित और दीर्घकालिक रोजगार सृजन की दिशा में एक बड़ी पहल की है। 1 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय वाली इस योजना से अगले दो वर्षों में 3.5 करोड़ रोजगार के अवसर उत्पन्न होने का अनुमान है। यह योजना भारत@2047 के विकसित राष्ट्र के दृष्टिकोण की एक ठोस आधारशिला साबित होगी।

यह योजना न केवल नौकरी चाहने वालों और नियोक्ताओं के बीच की दूरी को कम करेगी, बल्कि अनौपचारिक और औपचारिक कार्यबल के बीच की खाई को भी पाटेगी। EPFO पंजीकरण और प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से इसके कार्यान्वयन से सामाजिक सुरक्षा कवरेज का भी विस्तार होगा।

ईएलआई योजना विशेष रूप से मैन्यूफैक्चरिंगकपड़ाइलेक्ट्रॉनिक्सऑटोमोबाइलफार्मा जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित है, जो ‘मेक इन इंडिया’, PLI और स्किल इंडिया जैसी योजनाओं के साथ तालमेल बिठाते हुए औद्योगिक विकास को गति देगी। एमएसएमई सेक्टर के लिए यह योजना विशेष वरदान है, क्योंकि यह नई नियुक्तियों की लागत को कम करके उन्हें विस्तार और आधुनिकीकरण में सहायता देती है।

अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) द्वारा हाल में जारी रिपोर्ट के अनुसार, भारत की 64.3% आबादी अब कम से कम एक सामाजिक सुरक्षा लाभ के अंतर्गत आती है – 2015 में यह आंकड़ा मात्र 19% था। यह दर्शाता है कि भारत ने सामाजिक न्याय के क्षेत्र में भी लंबी छलांग लगाई है।

ईएलआई योजना वैश्विक स्तर की कई सफल प्रथाओं को भारत के स्थानीय संदर्भ में समाहित करती है। जर्मनी, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और अमेरिका जैसी अर्थव्यवस्थाएं भी अपने-अपने तरीके से वेतन आधारित प्रोत्साहन योजनाएं लागू कर रोजगार सृजन में सफल रही हैं।

The Indian government has launched the Employment Linked Incentive (ELI) scheme with a ₹1 lakh crore budget to generate over 35 million formal jobs in the next two years. Aimed at strengthening sectors like manufacturing, electronics, pharma, and MSMEs, the ELI scheme supports payroll formalization, EPFO-linked DBT disbursements, and expands India’s social security net. Recognized by the ILO, this initiative aligns with India’s Viksit Bharat@2047 vision.

Poonam Kumari
Author: Poonam Kumari

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