
कुल्लू, 10 जुलाई:
हिमाचल प्रदेश की सबसे कठिन और पवित्र धार्मिक यात्राओं में शामिल श्रीखण्ड महादेव यात्रा इस वर्ष 10 जुलाई से 23 जुलाई तक आयोजित की जा रही है। जिला प्रशासन ने इस वार्षिक तीर्थ यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
उपायुक्त तोरुल एस. रवीश ने जानकारी दी कि पहला जत्था 10 जुलाई की सुबह 5 बजे सिंहगाड से रवाना किया जाएगा, जिसमें लगभग 150 से 200 श्रद्धालु शामिल होंगे। अब तक 5,200 यात्रियों ने ऑनलाइन पंजीकरण करवा लिया है। प्रतिदिन अधिकतम 800 श्रद्धालुओं को ही यात्रा की अनुमति दी जाएगी।
यात्रा मार्ग को 5 सेक्टरों – सिंहगाड, थाचडू, कुंशा, भीमडवारी और पार्वतीबाग – में विभाजित किया गया है। इन सभी बेस कैंपों पर स्वास्थ्य, पुलिस, एसडीआरएफ, होम गार्ड, अभिमास, राजस्व और अन्य विभागों की टीमें तैनात रहेंगी। नायब तहसीलदार स्तर के अधिकारी सेक्टर मजिस्ट्रेट के रूप में नियुक्त किए गए हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ऑनलाइन के साथ-साथ सिंहगाड में ऑफलाइन पंजीकरण व स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था भी की गई है। इसके अलावा, खानपान व विश्राम की दरें तय कर दी गई हैं ताकि श्रद्धालुओं से मनमानी वसूली न हो। थाचडू से लेकर पार्वतीबाग तक भोजन ₹110 से ₹290, चाय ₹15 से ₹45, और बिस्तर ₹110 से ₹320 तक उपलब्ध रहेगा।
प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर पेयजल, मोबाइल शौचालय और लंगर व्यवस्था की भी पुख्ता तैयारी की है। निजी टेंट संचालकों को भी स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
उपायुक्त ने बताया कि 60 पुलिस जवान, 18 एसडीआरएफ, 10 होमगार्ड, 24 अभिमास स्वयंसेवी, और अन्य विभागों के 70 से अधिक कर्मचारी तैनात रहेंगे। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
यह सुनिश्चित किया गया है कि श्रीखण्ड महादेव यात्रा इस बार भी सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धा से परिपूर्ण माहौल में संपन्न हो।
The revered Shrikhand Mahadev Yatra will begin on July 10 and continue till July 23 in Himachal Pradesh. With a daily cap of 800 pilgrims, the administration has ensured complete arrangements for safety, health check-ups, food, sanitation, and registration—both online and offline. The route is divided into five sectors with dedicated teams and sector magistrates. Food rates are regulated, and mobile toilets and community kitchens have been arranged. The district administration assures a smooth and safe pilgrimage for all devotees.







