
मंडी, 10 जुलाई 2025 –
प्राकृतिक आपदा के बीच मानवता और सेवा की सच्ची मिसाल पेश करते हुए मंडी जिले के सराज क्षेत्र में चिकित्सकों की एक टीम ने 78 वर्षीय वृद्ध लज्जे राम को समय पर चिकित्सा सेवा देकर उनकी जान बचाई। डॉक्टरों ने 28 किलोमीटर का पहाड़ी रास्ता पैदल तय कर यह सराहनीय कार्य किया।
थुनाग स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से डॉक्टर अभिषेक के नेतृत्व में यह टीम बाराड गांव तक पहुंची। यह गांव ग्राम पंचायत पखरेर में स्थित है और पिछले कुछ दिनों से सड़क मार्ग पूरी तरह से बाधित है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपाली शर्मा ने बताया कि लज्जे राम बीपीएच (बिनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लेसिया) से पीड़ित हैं और उनकी कैथेटर में रुकावट आ गई थी, जिससे उन्हें गंभीर असुविधा हो रही थी।
मरीज की स्थिति गंभीर होते देख टीम ने 14 किलोमीटर एक तरफा और 14 किलोमीटर वापसी का रास्ता कठिन पहाड़ी इलाकों से पैदल पार कर मरीज तक पहुंचने का निर्णय लिया। गांव पहुंचकर उन्होंने कैथेटर सफलतापूर्वक बदला और प्राथमिक दवाइयां दीं जिससे मरीज को राहत मिली।
डॉ. दीपाली शर्मा ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम आपदा के पहले दिन से ही सतर्क है और जरूरतमंदों को प्राथमिक उपचार एवं जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं गांव-गांव जाकर प्रदान कर रही है। उन्होंने बताया कि विभाग की कई टीमें दुर्गम और सड़क संपर्क से कटे इलाकों में सेवाएं दे रही हैं।
यह घटना न केवल चिकित्सा सेवा की प्रतिबद्धता को दर्शाती है, बल्कि आपदा में मानवीय संवेदना की एक जीवंत मिसाल बनकर उभरी है। स्थानीय लोगों ने चिकित्सकों की इस सेवा भावना की प्रशंसा की और उन्हें देवदूत कहा।
Amid a severe natural disaster in Seraj, Himachal Pradesh, a team of doctors from Thunag Community Health Centre trekked 28 km to reach 78-year-old Lajje Ram in Barad village and provided life-saving catheter replacement. The effort reflects true humanitarian spirit during a crisis.







