
पंचकूला, 9 जुलाई।
चंडीगढ़ के प्रख्यात राष्ट्रीय वैदिक प्रवक्ता आचार्य सुफल (हांसी) ने कहा है कि यदि हम नकली दूध के खतरे से बचना चाहते हैं तो हर व्यक्ति को कम से कम एक गाय या बकरी पालनी चाहिए। वे सनातन धर्म जन जागरण एवं स्वदेशी अभियान के तहत पंचकूला के गांव सकेतड़ी स्थित श्रीराम मंदिर ज्योति धर्मशाला में एक भेंटवार्ता को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पंडित भीम प्रसाद भुसाल ने की।
आचार्य सुफल ने कहा कि हाल ही में बेरका प्लांट में नकली दूध की सप्लाई का मामला सामने आया है, जो बेहद गंभीर है। उन्होंने इस पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि ऐसे मामले सीधे आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हैं।
उन्होंने कहा कि गाय का दूध न केवल पोषक तत्वों से भरपूर होता है, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन के लिए भी लाभदायक होता है। वहीं बकरी का दूध भी औषधीय गुणों से युक्त माना गया है और यह पाचन के लिए अत्यंत उपयोगी होता है।
इस मौके पर विश्व शांति गायत्री मिशन (ट्रस्ट) चंडीगढ़ के नेशनल वाइस चेयरमैन रामबोध सकेतड़ी ने भी कहा कि हमें स्वदेशी और आत्मनिर्भरता की ओर लौटना होगा। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि कम से कम एक गाय पालें और दूध की शुद्धता को स्वयं सुनिश्चित करें।
कार्यक्रम में लोगों ने नकली दूध के खिलाफ सख्त नियमों की मांग की और प्रशासन से दोषियों को पकड़कर कानूनी कार्रवाई करने की अपील की।







