
हमीरपुर, 9 जुलाई 2025।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में आज जूनोसिस दिवस के अवसर पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय अत्री के निर्देशानुसार किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. श्री सुनील वर्मा ने बताया कि ‘जूनोसिस’ शब्द ग्रीक भाषा के दो शब्दों — ‘जून’ (जानवर) और ‘नोसिस’ (बीमारी) — से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है जानवरों से मनुष्यों में फैलने वाली बीमारियां।
डॉ. वर्मा ने बताया कि हर वर्ष 6 जुलाई को जूनोसिस दिवस फ्रांसीसी वैज्ञानिक लुई पाश्चर द्वारा रेबीज वैक्सीन के सफल परीक्षण की वर्षगांठ के रूप में मनाया जाता है। यह दिन हमें पशुजन्य रोगों जैसे रेबीज, स्वाइन फ्लू, बर्ड फ्लू, प्लेग, स्कैबीज, इबोला और मंकीपॉक्स जैसी बीमारियों से बचाव के लिए जागरूक करता है।
कार्यक्रम में जन शिक्षा एवं सूचना अधिकारी बीरबल वर्मा ने बताया कि संक्रमित पशुओं के संपर्क, उनके काटने, अधपका मांस या दूषित डेयरी उत्पादों के सेवन से ये रोग फैलते हैं। उन्होंने बचाव के उपायों पर बल देते हुए कहा कि लोगों को चाहिए कि वे पशुओं के संपर्क में आने के बाद हाथ धोएं, अधपका मांस, अंडा या दूध न लें, और पशुओं का समय पर टीकाकरण करवाएं।
बीसीसी समन्वयक श्रीमती सुलोचना ने भी अपने विचार रखते हुए पर्यावरणीय स्वच्छता और व्यक्तिगत सावधानी को सबसे महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर लगभग 70 प्रतिभागियों ने भाग लेकर विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और जन स्वास्थ्य को लेकर अपनी जागरूकता बढ़ाई।
Hamirpur | July 9, 2025
On the occasion of Zoonosis Day, an awareness program was held at the CMO Office Conference Hall under the guidance of District Health Officer Dr. Ajay Atri. Dr. Suneel Verma, District Program Officer, informed that ‘Zoonosis’ refers to diseases transmitted from animals to humans.
The day commemorates July 6, 1885, when Louis Pasteur successfully administered the rabies vaccine. Diseases like Rabies, Swine Flu, Bird Flu, Plague, Scabies, Ebola, and Monkeypox are all zoonotic.
Information Officer Birbal Verma and BCC Coordinator Sulochana highlighted preventive measures such as maintaining hygiene after animal contact, avoiding raw meat, and timely vaccination of livestock.
Around 70 participants actively joined and contributed to the discussion.







