
हमीरपुर।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला टौणी देवी की गाइड्स छात्राओं ने इस रक्षाबंधन को देशभक्ति और भावनात्मक समर्पण का पर्व बना दिया। गाइड कैप्टन कुसुम लता के मार्गदर्शन में छात्राओं ने 50 राखियां, ग्रीटिंग कार्ड और आत्मीय संदेश सरहद पर तैनात भारतीय सेना के जवानों के लिए तैयार किए, जो लेह होते हुए गलवान घाटी तक पहुंचाए जाएंगे।
यह पहल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में वीरगति को प्राप्त सैनिकों की स्मृति को समर्पित है। हाल ही में हुए इस ऑपरेशन ने देश को झकझोर दिया था, जब भारतीय सेना ने दुश्मन के गुप्त ठिकानों को ध्वस्त कर सरहद की सुरक्षा को मजबूत किया। इसी भावनात्मक पृष्ठभूमि में गाइड्स छात्राओं ने राखियों के माध्यम से सैनिक भाइयों के लिए अपनी कृतज्ञता और ममता प्रकट की।
गाइड कैप्टन ने बताया, “इन राखियों में सिर्फ धागा नहीं, एक बहन का प्रेम, एक मां की दुआ और एक बेटी का गर्व समाहित है।” छात्रा श्रेया़ ने भावुक होते हुए कहा, “जब मैंने कार्ड में लिखा ‘आप ज़िंदा हैं, तभी हम महफूज़ हैं’, तो मेरी आंखें नम हो गईं।”
प्रधानाचार्य रजनीश रांगड़ा ने कहा कि यह पहल सिर्फ एक शैक्षणिक गतिविधि नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय भावना और सामाजिक चेतना की अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा, “जब शिक्षा संवेदना से जुड़ती है, तभी सच्चे नागरिक बनते हैं।”
कार्यक्रम के समापन पर सभी तैयार की गई राखियों को विधिवत पैक कर भारतीय सेना के माध्यम से गलवान घाटी, जो ऑपरेशन सिंदूर का प्रमुख केंद्र था, भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।
यह पहल यह संदेश देती है कि देश की बेटियाँ अपने सैनिक भाइयों को कभी अकेला नहीं छोड़तीं। यह राखी सिर्फ रक्षासूत्र नहीं, बल्कि सम्मान, कृतज्ञता और विश्वास का प्रतीक है।
Girl Guides from Government Senior Secondary School, Tauni Devi, Hamirpur, prepared and sent 50 Rakhis and heartfelt greeting cards for Indian soldiers stationed in Galwan Valley. The initiative, inspired by Operation Sindoor, reflects gratitude, patriotism, and emotional solidarity from young students toward India’s bravehearts.







