
बिलासपुर, 11 जुलाई 2025 |
हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार द्वारा हिमाचल पर्यटन विकास निगम (HPTDC) के होटलों को निजी हाथों में सौंपने के निर्णय को लेकर सदर विधायक त्रिलोक जमवाल ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार नए संस्थान नहीं खोल सकती तो कम से कम पुराने संस्थानों को तो बंद न करे।
विधायक ने स्पष्ट किया कि बिलासपुर जैसे महत्वपूर्ण जिले में लेक व्यू होटल और होटल हिलटॉप स्वारघाट का निजीकरण, पर्यटन को बढ़ावा देने के सरकार के दावों की विरोधाभासी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने इसे जनता की सुविधाओं और युवाओं के रोजगार पर सीधा प्रहार बताया।
त्रिलोक जमवाल ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आते ही बंद करने की नीति को प्राथमिकता दी है। केवल सदर विधानसभा क्षेत्र में ही दो दर्जन स्कूल, हेल्थ सब-सेंटर, जल शक्ति की सब-डिविजन, हरलोग उप-तहसील और बिजली विभाग का एमएंडटी सर्कल बंद कर दिया गया है। यहां तक कि छात्राओं के लिए खोली गई गर्ल्स आईटीआई को भी बंद कर दिया गया है, जो कि शिक्षा के क्षेत्र में गंभीर गिरावट का संकेत है।
उन्होंने कहा कि घाटे का हवाला देकर HPTDC के 14 होटलों का निजीकरण केवल आमजन की जरूरतों की अनदेखी नहीं बल्कि पर्यटन व्यवसाय में सरकार की असफलता को दर्शाता है।
विधायक ने मांग की कि यह फैसला तुरंत वापस लिया जाए और जिन संस्थानों को बंद किया गया है, उन्हें पुनः चालू किया जाए ताकि जनता को फिर से बुनियादी सुविधाएं और युवाओं को रोजगार उपलब्ध हो सके।
BJP MLA Trilok Jamwal slammed the state government’s decision to privatize HPTDC hotels, including Lake View and Hilltop in Bilaspur, calling it anti-people and harmful to tourism and employment. He demanded a rollback and restoration of closed public institutions.







