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राज्य सरकार की गैरमौजूदगी में धर्मशाला होटल एसोसिएशन ने हिमाचल की संभाली कमान, TTF कोलकाता में चमका हिमाचल पवेलियन

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टीटीएफ कोलकाता में हिमाचल पवेलियन की भव्यता को निहारते देश-विदेश के पर्यटक।
टीटीएफ कोलकाता में हिमाचल पवेलियन की भव्यता को निहारते देश-विदेश के पर्यटक।
टीटीएफ कोलकाता में हिमाचल पवेलियन की भव्यता को निहारते देश-विदेश के पर्यटक।

धर्मशाला, 11 जुलाई 2025 |
इस वर्ष टीटीएफ (Travel & Tourism Fair) कोलकाता 2025 में जब राज्य सरकार ने भाग नहीं लिया, तब होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन धर्मशाला ने हिमाचल प्रदेश की ओर से जिम्मेदारी उठाते हुए एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। पर्यटन क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी का यह प्रयास न केवल हिमाचल पर्यटन उद्योग को मजबूती प्रदान कर रहा है, बल्कि पूरे देश में इसकी सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों को पहचान भी दिला रहा है।

एसोसिएशन ने आयोजकों से संवाद कर स्टॉल शुल्क को ₹1,07,000 से घटाकर ₹75,000 करवाया, जिससे 18 स्टॉलों वाला “हिमाचल पवेलियन” साकार हो सका। इस पवेलियन में प्रदेश के होटलों, रिसॉर्ट्स, होमस्टे और एडवेंचर टूरिज्म की झलकियों को प्रस्तुत किया गया है, जो देश-विदेश से आए यात्रियों और व्यापारियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

टीटीएफ कोलकाता का उद्घाटन जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री श्री उमर अब्दुल्ला द्वारा किया गया। मौके पर उपस्थित एसोसिएशन अध्यक्ष अश्वनी बम्बा ने बताया कि यह कदम राज्य के पर्यटन हितधारकों को एक साझा मंच देने और हिमाचल की पर्यटन विविधता को राष्ट्रीय स्तर पर दर्शाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को भविष्य में इन आयोजनों में अपनी भागीदारी अवश्य सुनिश्चित करनी चाहिए, क्योंकि सरकारी सहयोग और डिजिटल प्रचार रणनीति पर्यटन के विस्तार के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने यह भी चेताया कि यदि हिमाचल प्रदेश ऐसे आयोजनों से लगातार दूर रहता है, तो उत्तराखंड जैसे पड़ोसी राज्य प्रतिस्पर्धा में आगे निकल सकते हैं।

हिमाचल की इस बार की भागीदारी पूरी तरह निजी प्रयासों पर आधारित रही, लेकिन यह स्पष्ट करता है कि यदि संकल्प और समर्पण हो तो सीमित संसाधनों में भी हिमाचल की पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय मंच पर प्रभावशाली रूप से प्रस्तुत किया जा सकता है।

In the absence of the Himachal government at TTF Kolkata 2025, the Hotel and Restaurant Association Dharamshala stepped up to represent the state. With 18 stalls showcasing Himachal’s tourism, this privately-led initiative turned the spotlight on the state’s rich cultural and natural offerings.

Poonam Kumari
Author: Poonam Kumari

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