
शिमला, 11 जुलाई 2025 |
शिमला जिला की अंतिम छोर पर स्थित पीरन पंचायत में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ महिला शक्ति ने मोर्चा खोल दिया है। नशे के खिलाफ सरकार के अभियान को बल देते हुए पीरन की महिलाओं ने जागरूकता और निगरानी अभियान शुरू कर दिया है, जिससे प्रशासन भी सक्रिय हो गया है।
महिला मंडल की शिकायत पर आबकारी एवं कराधान विभाग की टीम ने पीरन पंचायत की सभी दुकानों व ढाबों का औचक निरीक्षण किया। उपायुक्त आबकारी एवं कराधान प्रदीप शर्मा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि महिला मंडल ने पंचायत में अवैध शराब बेचने की शिकायत की थी, जिस पर विभाग ने तत्काल कार्रवाई की।
हालांकि, किसी भी दुकान में अवैध शराब का स्टॉक बरामद नहीं हुआ, लेकिन महिलाओं द्वारा जारी अभियान की सराहना की गई। पंचायत प्रधान किरण शर्मा और ग्राम संगठन की प्रधान बिमला वर्मा के नेतृत्व में महिलाएं एक सप्ताह से स्वयं रात्रिकालीन छापेमारी कर रही हैं।
महिलाओं ने नशे के दुष्परिणामों को लेकर ग्रामीणों को जागरूक किया और युवाओं को इस दलदल से बाहर निकालने के लिए नशा मुक्त पंचायत का संकल्प लिया है। किरन शर्मा ने बताया कि पंचायत में कई युवा शराब के आदी हो चुके हैं, जो समाज के लिए चिंता का विषय है।
तत्पश्चात सहायक राज्य कर एवं आबकारी अधिकारी राजेश नेगी और सहायक आबकारी अधिकारी कमल चंद ने पंचायत घर में महिलाओं के साथ बैठक कर उन्हें विभाग की ओर से पूरा सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यदि किसी को अवैध शराब बिक्री की जानकारी मिले, तो तुरंत विभाग को सूचना दें।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि अवैध शराब में मिलावट की संभावना अधिक रहती है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक हो सकती है। अतः सभी से अपील की गई कि नशे से दूर रहें और सशक्त समाज के निर्माण में भागीदार बनें।
Women in Pirun Panchayat, Shimla, have launched a strong anti-liquor campaign. Acting on their complaint, the Excise Department raided local shops, though no illegal liquor was found. The women have resolved to create a drug-free community with continued vigilance.







